बातें मेरी और आपकी
प्रिय पाठको !
आप सभी का इस ब्लॉग से जुड़ने के लिए धन्यवाद करता हूं। विषय जो आज इस ब्लॉग में रहेगा वह है, पिछले कुछ सालों से आप सभी ने देखा होगा भारत में जितने भी चुनाव हो रहे है। राज्य सरकार है या केंद्र सरकार का चुनाव हो। सभी सरकारों का मुख्य मुद्दा जो बनता जा रहा है। लोगों को मुफ्त योजना के तहत सब कुछ मुफ्त में बांट देना यह प्रचलन बना है। जैसे 1500 से 2500 रु प्रत्येक महिला को, बहुत से जो हमारे देश में राजनीतिक विचारक, विश्लेषक है। वह भलीभांति जानते हैं और उन्होंने इस बात पर गौर भी किया होगा। यह मुफ्ती योजना कितनी सही है और कितनी गलत है। राजनिति का स्तर देश में कितना मजबूर दिख रहा है इन योजनाओं से पता चलता है। आए दिन हम देख रहे हैं राजधानी दिल्ली में चुनाव होने हैं, और वहां पर जो प्रचार किया जा रहा है। उसमें बिजली पानी और बहुत सारी ऐसी योजनाएं हैं। जो जिसके साथ नकद पैसा देने की बात महिलाओं को विशेष कर हर राज्य में की जा रही है। अभी हमारे हिमाचल प्रदेश में चुनाव हुए वहां भी ₹1500 महीना महिलाओं को सिद्धा खातों में बिना किसी कार्य को किए हुए। जो योजना अभी तक फेल हुई है इसी तरह से बहुत राज्यों में ऐसे मुद्दे रखे जाते है। जिसमें सीधे पैसे देने की बात की जा रही है क्या देश के खजाने में सच में इतना पैसा है। सवाल हर देशवासी के जहन में उठता है इतना पैसा होने के बावजूद भी बहुत सी कमी हम अपने आसपास देखते हैं। जब हमने इस बारे में अपने आसपास 10 लोगों से बात की तो उसमें से 7 लोगों का यह मानना है कि सीधा पैसा खातों में देना बिल्कुल गलत बात है। इस तरह की योजनाएं जिसमें पैसे देने की बात कर रहे हैं वह गलत है। यह था हमारा आज का ब्लॉग उम्मीद है आप सभी को इस बात से कुछ बातें सोचने को मिली होगी।कमेंट जरुर करें आप सभी को यह ब्लॉग कैसा लगा। ताकि आप सभी से जान सके कि यह योजना कितनी सही है।और कितनी गलत है। हमारी टीम ने इसे मुफ्त योजना का शब्द प्रयोग किया है कमेंट में जरूर बताएं अपनी राय।
धन्यवाद।
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Authors desk💻📱Jawalapur, Mandi, Kullu-Manali.
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